संत दादू दयाल जी राजस्थान के महान निर्गुण संत, समाज सुधारक, दार्शनिक और दादू संप्रदाय (परब्रह्मी संप्रदाय) के संस्थापक थे। उन्हें “राजस्थान का कबीर” भी कहा जाता है।...
संत लालदास जी मेवात क्षेत्र (अलवर-भरतपुर) के एक महान निर्गुण संत, समाज सुधारक और लालदासी संप्रदाय के संस्थापक थे। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक...
कृष्णदास पयहारी (Krishna Das Payahari) मध्यकालीन राजस्थान के भक्ति आंदोलन और रामानंदी संप्रदाय (श्री संप्रदाय) के एक अत्यंत प्रसिद्ध और महान संत थे। राजस्थान में इस संप्रदाय की...
संत रणाबाई ( जिन्हें “राजस्थान की दूसरी मीरा“ कहा जाता है) मध्यकालीन राजस्थान की एक महान निर्गुण संत और कवयित्री थीं। उनका जीवन सादगी, त्याग और कृष्ण-भक्ति का...
संत मीराबाई (1498–1547 ई.) मध्यकालीन भारत और राजस्थान की सबसे प्रसिद्ध सगुण (कृष्ण) भक्त कवयित्री और संत थीं। उन्हें ‘राजस्थान की राधा’ के रूप में जाना जाता है।...
संत जसनाथ जी राजस्थान के महान संत, समाज सुधारक, चमत्कारी पुरुष और जसनाथी संप्रदाय के संस्थापक थे। उनका संपूर्ण जीवन लोक-कल्याण, ईश्वरीय भक्ति और प्राणी मात्र की सेवा...
संत जाम्भोजी महाराज राजस्थान के महान पर्यावरणविद्, समाज सुधारक और विश्नोई संप्रदाय के संस्थापक थे। उनका संपूर्ण जीवन प्रकृति की रक्षा, जीवदया और नैतिक जीवन मूल्यों को समर्पित...
संत पीपा जी राजस्थान के महान संत, समाज सुधारक और उच्च कोटि के भक्त होने के साथ-साथ एक प्रतापी राजपूत शासक भी थे। उनका जीवन राजपाट छोड़कर अध्यात्म...
संत धन्ना जी राजस्थान के भक्ति आंदोलन के प्रमुख अग्रजों और महान निर्गुण संतों में गिने जाते हैं। वे राजस्थान में धार्मिक और सामाजिक सुधार की अलख जगाने...
राजस्थान के प्रमुख संतों एवं संप्रदायों का कालक्रमानुसार (Chronological Order) विवरण नीचे सारणीबद्ध रूप में दिया गया है: राजस्थान के संत एवं संप्रदाय (Timeline Tabular Chart) क्रम संत...