निरंजनी पंथ संस्थापक: इस पंथ के संस्थापक हरिदास निरंजनी (जिन्हें संत हरिदास जी भी कहा जाता है) थे। इनका जन्म कापड़ोड (नागौर) में हुआ था। मुख्य पीठ (प्रधान...
निष्कलंक संप्रदाय संस्थापक: इस संप्रदाय की स्थापना संत मावजी ने की थी। संत मावजी को निष्कलंक संप्रदाय के अनुयायी भगवान विष्णु का ‘कल्कि अवतार’ मानते हैं। जन्म एवं...
चरणदासी संप्रदाय उत्तर भारत और विशेष रूप से राजस्थान व दिल्ली क्षेत्र का एक प्रमुख और अनुशासित भक्ति संप्रदाय है। परीक्षा की दृष्टि से (जैसे RPSC, RAS, और...
यहाँ रामस्नेही संप्रदाय और इसके संस्थापक संत रामचरण जी से संबंधित महत्त्वपूर्ण परीक्षा-उपयोगी नोट्स दिए जा रहे हैं: रामस्नेही संप्रदाय एवं संत रामचरण जी – प्रमुख नोट्स संत...
यहाँ संत रामचरण जी और उनके द्वारा स्थापित रामस्नेही संप्रदाय का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. जीवन परिचय एवं जन्म जन्म: संवत 1776 (ईस्वी सन 1919) की...
संत चरणदास जी मध्यकालीन राजस्थान के महान निर्गुण-सगुण समन्वित संत और चरणदासी संप्रदाय के संस्थापक थे। उनके जीवन, संप्रदाय और शिक्षाओं का विस्तृत विवरण यूनिकोड हिंदी में नीचे...
संत मावजी (1714–1794 ई.) वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) के एक महान संत, भविष्यवक्ता, समाज सुधारक और ‘निष्कलंक संप्रदाय’ के संस्थापक थे। उन्हें भगवान विष्णु का ‘कल्कि अवतार’ भी माना...
हरिदास निरंजनी (जिन्हें संत हरिदास जी भी कहा जाता है) मध्यकालीन राजस्थान के एक महान निर्गुण संत, योग साधक और निरंजनी पंथ (संप्रदाय) के संस्थापक थे। उनके जीवन,...
संत रज्जब जी दादू संप्रदाय के सबसे प्रसिद्ध, निष्ठावान और अनूठे संतों में से एक थे। उनका जीवन वैराग्य, समर्पण और ईश्वर-भक्ति का एक अनुपम उदाहरण है। संत...
संत सुंदरदास जी दादू संप्रदाय के सबसे शिक्षित, विद्वान, उच्च कोटि के संत और दार्शनिक थे। वे संत दादू दयाल जी के सबसे प्रमुख शिष्यों में गिने जाते...