प्रामाणिक अध्ययन नोट्स (Reference Archive)

निष्कलंक संप्रदाय

लॉगिन
0 (आज: 0)
शेयर: WA TG FB 𝕏 सुधार सुझाएँ
सत्यापित: 03 October 2026
मुख्य बिंदु: निष्कलंक संप्रदाय संस्थापक: इस संप्रदाय की स्थापना संत मावजी ने की थी। संत मावजी को निष्कलंक संप्रदाय के अनुयायी भगवान विष्णु का ‘कल्कि अवतार’ मानते हैं। जन्म एवं मुख्य क्षेत्र: संत मावजी का जन्म राजस्थान के डूंगरपुर जिले के साबला गाँव में हुआ था। इस संप्रदाय का मुख्य केंद्र और कार्यक्षेत्र वागड़ (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) क्षेत्र रहा […]

निष्कलंक संप्रदाय

  1. संस्थापक:
    • इस संप्रदाय की स्थापना संत मावजी ने की थी। संत मावजी को निष्कलंक संप्रदाय के अनुयायी भगवान विष्णु का ‘कल्कि अवतार’ मानते हैं।
  2. जन्म एवं मुख्य क्षेत्र:
    • संत मावजी का जन्म राजस्थान के डूंगरपुर जिले के साबला गाँव में हुआ था। इस संप्रदाय का मुख्य केंद्र और कार्यक्षेत्र वागड़ (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) क्षेत्र रहा है।
  3. बेणेश्वर धाम की स्थापना:
    • संत मावजी ने डूंगरपुर जिले की आसपुर तहसील के नवाटापरा गाँव में सोम, माही और जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम पर प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम की स्थापना की थी। यहीं उन्होंने निष्कलंक धाम का निर्माण करवाया और माघ पूर्णिमा का मेला भरवाने की परंपरा शुरू की (जिसे आदिवासियों का कुंभ कहा जाता है)।
  4. प्रमुख ग्रंथ (चोपड़):
    • संत मावजी द्वारा रचित भविष्यवाणियों और आध्यात्मिक उपदेशों के ग्रंथों को ‘चोपड़’ कहा जाता है। इनके प्रमुख चोपड़ निम्नलिखित हैं:
      • प्रेम सागर चोपड़
      • मेघ सागर चोपड़
      • रतन सागर चोपड़
      • श्याम सागर चोपड़
    • ये सभी चोपड़ वागड़ी और मेवाड़ी मिश्रित भाषा में लिखे गए हैं।
📖 Exam Questions & Answers
4 questions · Curated from multiple competitive exams

Q1. निष्कलंक संप्रदाय की स्थापना किसने की थी?

Asked in: RPSC RAS REET
Answer

निष्कलंक संप्रदाय की स्थापना संत मावजी ने की थी, जिन्हें भगवान विष्णु का कल्कि अवतार माना जाता है।

📌 Note: इनका मुख्य कार्यक्षेत्र वागड़ क्षेत्र था।

Q2. संत मावजी का जन्म राजस्थान के किस जिले में हुआ था?

Asked in: Rajasthan Police Patwari CET
Answer

संत मावजी का जन्म डूंगरपुर जिले के साबला गाँव में हुआ था।

📌 Note: साबला गाँव इस संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है।

Q3. प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम की स्थापना किसने की थी?

Asked in: RPSC 2nd Grade RAS LDC
Answer

बेणेश्वर धाम की स्थापना संत मावजी ने सोम, माही और जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम पर की थी।

📌 Note: यहाँ माघ पूर्णिमा को आदिवासियों का प्रसिद्ध मेला लगता है।

Q4. संत मावजी द्वारा रचित भविष्यवाणियों के ग्रंथों को क्या कहा जाता है?

Asked in: RAS RPSC School Lecturer
Answer

संत मावजी के ग्रंथों और भविष्यवाणियों को 'चोपड़' (जैसे प्रेम सागर, मेघ सागर) कहा जाता है।

📌 Note: ये ग्रंथ वागड़ी भाषा में रचित हैं।

प्रमाणित संदर्भ एवं ग्रंथ सूची

नया संदर्भ / संशोधन जोड़ें
इस आलेख पर अभी कोई बाह्य संदर्भ दर्ज नहीं है। यदि आपके पास प्रामाणिक संदर्भ है तो यहाँ क्लिक करके जोड़ें।

विद्यार्थी चर्चा (0)

विद्यार्थी चर्चा में भाग लेने के लिए कृपया लॉगिन करें।