1. पंचायतीराज जनप्रतिनिधि संवाद (जयपुर) आयोजन: जयपुर में ‘पंचायतीराज जनप्रतिनिधि संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य बिंदु: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंचायतीराज संस्थाओं और सरपंचों को देश...
1. प्रमुख विकास कार्य एवं शिलान्यास फतहपुर (सीकर, चूरू व झुंझुनूं) विकास कार्य: सेवा संकल्प अभियान के तहत शेखावाटी क्षेत्र के लिए 1,277 करोड़ रुपये से अधिक के...
यहाँ संत रामचरण जी और उनके द्वारा स्थापित रामस्नेही संप्रदाय का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. जीवन परिचय एवं जन्म जन्म: संवत 1776 (ईस्वी सन 1919) की...
संत चरणदास जी मध्यकालीन राजस्थान के महान निर्गुण-सगुण समन्वित संत और चरणदासी संप्रदाय के संस्थापक थे। उनके जीवन, संप्रदाय और शिक्षाओं का विस्तृत विवरण यूनिकोड हिंदी में नीचे...
संत मावजी (1714–1794 ई.) वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) के एक महान संत, भविष्यवक्ता, समाज सुधारक और ‘निष्कलंक संप्रदाय’ के संस्थापक थे। उन्हें भगवान विष्णु का ‘कल्कि अवतार’ भी माना...
हरिदास निरंजनी (जिन्हें संत हरिदास जी भी कहा जाता है) मध्यकालीन राजस्थान के एक महान निर्गुण संत, योग साधक और निरंजनी पंथ (संप्रदाय) के संस्थापक थे। उनके जीवन,...
संत रज्जब जी दादू संप्रदाय के सबसे प्रसिद्ध, निष्ठावान और अनूठे संतों में से एक थे। उनका जीवन वैराग्य, समर्पण और ईश्वर-भक्ति का एक अनुपम उदाहरण है। संत...
संत सुंदरदास जी दादू संप्रदाय के सबसे शिक्षित, विद्वान, उच्च कोटि के संत और दार्शनिक थे। वे संत दादू दयाल जी के सबसे प्रमुख शिष्यों में गिने जाते...
संत दादू दयाल जी राजस्थान के महान निर्गुण संत, समाज सुधारक, दार्शनिक और दादू संप्रदाय (परब्रह्मी संप्रदाय) के संस्थापक थे। उन्हें “राजस्थान का कबीर” भी कहा जाता है।...
संत लालदास जी मेवात क्षेत्र (अलवर-भरतपुर) के एक महान निर्गुण संत, समाज सुधारक और लालदासी संप्रदाय के संस्थापक थे। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक...