कर्नल जेम्स टॉड (Colonel James Tod) राजस्थान के इतिहास और प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC, RSMSSB आदि) की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तित्व हैं। प्रामाणिक ऐतिहासिक स्रोतों के आधार पर उनसे जुड़े प्रमुख तथ्य निम्नलिखित हैं: सामान्य...

प्रस्तुत सुजस बुलेटिन (25 अगस्त 2026) से आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC, RSMSSB आदि) के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण समसामयिक तथ्य निम्नलिखित हैं: 1. यमुना जल परियोजना (Yamuna Water Project) स्वीकृति: परियोजना की डीपीआर (DPR) के लिए...

महामहोपाध्याय रायबहादुर डॉ. गौरीशंकर हीराचंद ओझा (1863–1947 ई.) भारत के मूर्धन्य इतिहासकार, पुरालेखवेत्ता (Epigraphist) और प्राचीन लिपि विशेषज्ञ (Palaeographer) थे। उन्हें वैज्ञानिक और पुरातात्विक आधार पर राजस्थान का प्रामाणिक इतिहास लिखने वाले ‘मार्गशोधक इतिहासकार’ का...

महामहोपाध्याय डॉ. गौरीशंकर हीराचंद ओझा की सुप्रसिद्ध पुस्तक “उदयपुर राज्य का इतिहास (भाग-1)” में बप्पा रावल (कालभोज) के जीवन, उनकी पहचान और उनके ऐतिहासिक योगदान का प्रामाणिक व विस्तृत विश्लेषण दिया गया है। डॉ. ओझा...

झाला बीदा (झाला मान / बीदा सिंह) मुख्य परिचय / पृष्ठभूमि झाला बीदा (जिन्हें इतिहास में ‘झाला मान’ या ‘बीदा सिंह’ के नाम से भी जाना जाता है) सादड़ी के जागीरदार और मेवाड़ के वीर...

हाकिम खां सूर सम्मान (Hakim Khan Sur Award) मुख्य परिचय / पृष्ठभूमि हाकिम खां सूर सम्मान राष्ट्रीय स्तर का एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है, जो महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन (MMCF), उदयपुर द्वारा राष्ट्रीय एकता, अखंडता और...

हकीम खां सूर (हकीम खां सूरी) मुख्य परिचय / पृष्ठभूमि हकीम खां सूर अफ़गान शासक शेरशाह सूरी के वंशज तथा हल्दीघाटी युद्ध (1576 ई.) में महाराणा प्रताप की सेना के एकमात्र मुस्लिम सेनापति थे। उन्होंने...

हल्दीघाटी का युद्ध (18 जून 1576 ई.) मुख्य परिचय / पृष्ठभूमि हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 ई. को मेवाड़ के महाराणा प्रताप और मुग़ल सम्राट अकबर की सेना (नेतृत्व: आमेर के कुंवर मानसिंह) के...

रावत कृष्णदास चूंडावत (सलूंबर) मुख्य परिचय / पृष्ठभूमि रावत कृष्णदास चूंडावत मेवाड़ के प्रथम श्रेणी ठिकाने सलूंबर के जागीरदार तथा महाराणा लाखा के ज्येष्ठ पुत्र ‘राव चूंडा’ (मेवाड़ के भीष्म पितामह) के वंशज थे। वे...

भटियाणी रानी (धीरबाई) मुख्य परिचय / पृष्ठभूमि रानी धीरबाई (भटियाणी रानी) मेवाड़ के महाराणा उदयसिंह द्वितीय की अत्यंत प्रिय एवं प्रभावशाली पटरानी थीं। वे जैसलमेर के भाटी राजवंश से संबंधित थीं और मेवाड़ के इतिहास...