गोविंदपुरा हत्याकांड मेवाड़ रियासत के बेंगू किसान आंदोलन का सबसे दर्दनाक और निर्णायक मोड़ था। यह घटना ब्रिटिश अधिकारी मिस्टर ट्रेंच की निर्मम गोलीबारी तथा रूपाजी और कृपाजी...
डाबी कांड हाड़ौती अंचल के बूंदी (बरड़) किसान आंदोलन के दौरान घटित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हृदयविदारक घटना है। यह घटना निहत्थे किसानों के शांतिपूर्ण सम्मेलन पर पुलिसिया...
नीमड़ा हत्याकांड (जिसे पाल-चितरिया हत्याकांड भी कहा जाता है) राजस्थान-गुजरात सीमा पर औपनिवेशिक सत्ता और सामंती दमन का एक अत्यंत रक्तरंजित अध्याय है। यह नरसंहार मोतीलाल तेजावत द्वारा...
मानगढ़ नरसंहार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और जनजातीय प्रतिरोध का एक अत्यंत रक्तरंजित अध्याय है। यह 13 अप्रैल 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड से लगभग 6 वर्ष पूर्व घटित...
बीकानेर रियासत में किसान आंदोलन दो अलग-अलग भौगोलिक व प्रशासनिक व्यवस्थाओं में लड़े गए—एक ओर गंगनहर क्षेत्र (खालसा भूमि) के सिंचित किसान थे, तो दूसरी ओर जागीरी क्षेत्रों...
मेव किसान आंदोलन राजस्थान के किसान आंदोलनों में विशिष्ट स्थान रखता है। यह आंदोलन न केवल कृषक असंतोष और लगान वृद्धि के विरुद्ध था, बल्कि आगे चलकर इसमें...
भरतपुर रियासत में हुआ यह किसान आंदोलन राजस्थान के अन्य रियासती आंदोलनों की तुलना में विशिष्ट था। भरतपुर में अधिकांश भूमि खालसा (सीधे राज्य के नियंत्रण में) थी,...
यह आंदोलन अलवर रियासत में नए भूमि बंदोबस्त, लगान दरों में अत्यधिक वृद्धि और राजपूत किसानों के पारंपरिक विशेषाधिकारों की समाप्ति के विरुद्ध हुआ था। इसका अंत 14...
मारवाड़ (जोधपुर रियासत) क्षेत्रफल की दृष्टि से राजपूताना की सबसे बड़ी रियासत थी, जहाँ लगभग 83% भूमि जागीरदारी क्षेत्र के अधीन थी। यह आंदोलन सामंती अत्याचारों, अत्यधिक लाग-बाग,...
शेखावाटी क्षेत्र में हुआ यह आंदोलन राजस्थान के किसान आंदोलनों में सबसे प्रखर, सामाजिक रूप से जागृत और राजनीतिक रूप से प्रभावी आंदोलनों में से एक था। इसकी...