श्रेणी ज्ञानकोश (Knowledge Base)

किसान एवं जनजाति आंदोलन

26 कुल आलेख

बिजोलिया किसान आंदोलन (साधु सीताराम, विजय सिंह पथिक), बेगू, नीमूचाणा कांड, मानगढ़ धाम नरसंहार, गोविंद गिरि एवं मोतीलाल तेजावत का एकी आंदोलन।

इस श्रेणी में उपलब्ध आलेख

रास्तापाल कांड (डूंगरपुर)

रास्तापाल कांड वागड़ अंचल (डूंगरपुर रियासत) में शिक्षा के प्रसार, सामंती दमन और गुरुभक्ति का एक अमर व अद्वितीय अध्याय है। यह घटना 13 वर्षीय भील बालिका कालीबाई...

चंद्रावल / चंडावल कांड (28 मार्च 1942 ई.)

चंद्रावल कांड मारवाड़ रियासत में किसान अधिकारों और उत्तरदायी शासन की स्थापना के संघर्ष के दौरान सामंती दमन की एक अत्यंत निंदनीय घटना है। यह घटना मारवाड़ लोक...

डाबड़ा कांड (डीडवाना, नागौर)

डाबड़ा हत्याकांड भारत की स्वतंत्रता से ठीक 5 महीने पहले मारवाड़ (जोधपुर रियासत) में घटित हुआ था। यह राजस्थान के किसान आंदोलनों में सामंती क्रूरता, गुंडागर्दी और रक्तरंजित...

कूदण हत्याकांड (सीकर)

कूदण हत्याकांड शेखावाटी (सीकर) किसान आंदोलन का सबसे प्रमुख और निर्णायक मोड़ था। यह राजस्थान के उन विरले किसान आंदोलनों में शामिल है जिसकी गूंज भारत की सीमाओं...

कटराथल महिला सम्मेलन (सीकर)

कटराथल महिला सम्मेलन राजस्थान के आधुनिक इतिहास में नारी चेतना, सामाजिक विद्रोह और सामंती अत्याचारों के विरुद्ध प्रतिरोध का सबसे बड़ा प्रतीक है। सामंती व्यवस्था और कठोर पर्दा-प्रथा...

नीमूचाणा हत्याकांड (अलवर)

नीमूचाणा हत्याकांड राजस्थान के आधुनिक इतिहास में सामंती व औपनिवेशिक क्रूरता का सबसे वीभत्स नरसंहार माना जाता है। यह अलवर रियासत के राजपूत किसानों द्वारा लगान वृद्धि और...

गोविंदपुरा कांड (बेंगू)

गोविंदपुरा हत्याकांड मेवाड़ रियासत के बेंगू किसान आंदोलन का सबसे दर्दनाक और निर्णायक मोड़ था। यह घटना ब्रिटिश अधिकारी मिस्टर ट्रेंच की निर्मम गोलीबारी तथा रूपाजी और कृपाजी...

डाबी कांड (बूंदी)

डाबी कांड हाड़ौती अंचल के बूंदी (बरड़) किसान आंदोलन के दौरान घटित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हृदयविदारक घटना है। यह घटना निहत्थे किसानों के शांतिपूर्ण सम्मेलन पर पुलिसिया...

नीमड़ा हत्याकांड

नीमड़ा हत्याकांड (जिसे पाल-चितरिया हत्याकांड भी कहा जाता है) राजस्थान-गुजरात सीमा पर औपनिवेशिक सत्ता और सामंती दमन का एक अत्यंत रक्तरंजित अध्याय है। यह नरसंहार मोतीलाल तेजावत द्वारा...

मानगढ़ नरसंहार (बांसवाड़ा)

मानगढ़ नरसंहार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और जनजातीय प्रतिरोध का एक अत्यंत रक्तरंजित अध्याय है। यह 13 अप्रैल 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड से लगभग 6 वर्ष पूर्व घटित...