मुख्य बिंदु: छोटी तीज (हरियाली तीज) कब और कहाँ तिथि: श्रावण (सावन) मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि। समय: आमतौर पर जुलाई या अगस्त (मानसून का समय)। प्रमुख क्षेत्र: मुख्य रूप से राजस्थान (विशेषकर जयपुर), हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार। पौराणिक पृष्ठभूमि एवं महत्व शिव-पार्वती का मिलन: मान्यता है कि देवी पार्वती ने भगवान शिव […]
छोटी तीज (हरियाली तीज)
कब और कहाँ
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तिथि: श्रावण (सावन) मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि।
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समय: आमतौर पर जुलाई या अगस्त (मानसून का समय)।
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प्रमुख क्षेत्र: मुख्य रूप से राजस्थान (विशेषकर जयपुर), हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार।
पौराणिक पृष्ठभूमि एवं महत्व
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शिव-पार्वती का मिलन: मान्यता है कि देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए 107 जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। 108वें जन्म में शिवजी ने उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें इसी दिन पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।
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प्रकृति उत्सव: यह त्योहार वर्षा ऋतु और हरियाली के आगमन का स्वागत करता है, इसलिए इसे हरियाली तीज या श्रावणी तीज भी कहते हैं।
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सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए यह निर्जला/फलाहार व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए पूजा करती हैं।
प्रमुख परंपराएँ और रीति-रिवाज
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तीज माता की सवारी (जयपुर): जयपुर में सिटी पैलेस (त्रिपोलिया गेट) से ‘तीज माता’ की भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें पारंपरिक लोक कलाकार, ऊंट और सजे-धजे हाथी शामिल होते हैं।
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सिंजारा (Sinjara): तीज से एक दिन पहले नवविवाहित महिलाओं को उनके ससुराल या मायके से कपड़े, गहने, मेंहदी और विशेष मिठाइयां भेजी जाती हैं, जिसे सिंजारा कहा जाता है।
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श्रृंगार और झूले: महिलाएं हरे रंग के परिधान, लहरिया (पारंपरिक टाई-एंड-डाई साड़ी), और 16 श्रृंगार करती हैं। बाग-बगीचों में पेड़ों पर झूले डाले जाते हैं और लोकगीत गाए जाते हैं।
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पारंपरिक व्यंजन: घेवर इस त्योहार की पहचान है (विशेषकर मलाई और रबड़ी घेवर), साथ ही मालपुआ भी बनाया जाता है।
परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Pointers)
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लहरिया वस्त्र: राजस्थान की प्रसिद्ध ‘लहरिया’ (Leheriya) टाई-एंड-डाई तकनीक विशेष रूप से श्रावणी तीज से जुड़ी है।
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सांस्कृतिक पर्यटन: जयपुर का ‘तीज महोत्सव’ राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया जाने वाला प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम है।
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छोटी तीज बनाम बड़ी तीज:
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छोटी तीज (हरियाली तीज): श्रावण शुक्ल तृतीया (जयपुर प्रसिद्ध)।
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बड़ी तीज (कजली/सातूड़ी तीज): भाद्रपद कृष्ण तृतीया (बूंदी की कजली तीज प्रसिद्ध है)।
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