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निरंजनी पंथ/संप्रदाय

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सत्यापित: 03 October 2026
मुख्य बिंदु: निरंजनी पंथ संस्थापक: इस पंथ के संस्थापक हरिदास निरंजनी (जिन्हें संत हरिदास जी भी कहा जाता है) थे। इनका जन्म कापड़ोड (नागौर) में हुआ था। मुख्य पीठ (प्रधान पीठ): रामस्नेही संप्रदाय और निष्कलंक संप्रदाय की तरह इस पंथ की मुख्य प्रधान पीठ गहडा (गाढ़ा), वर्तमान डीडवाना-कुचामन जिले (पहले नागौर जिले के अंतर्गत) में स्थित है। […]

निरंजनी पंथ

  1. संस्थापक:
    • इस पंथ के संस्थापक हरिदास निरंजनी (जिन्हें संत हरिदास जी भी कहा जाता है) थे। इनका जन्म कापड़ोड (नागौर) में हुआ था।
  2. मुख्य पीठ (प्रधान पीठ):
    • रामस्नेही संप्रदाय और निष्कलंक संप्रदाय की तरह इस पंथ की मुख्य प्रधान पीठ गहडा (गाढ़ा), वर्तमान डीडवाना-कुचामन जिले (पहले नागौर जिले के अंतर्गत) में स्थित है।
  3. प्रमुख विशेषताएँ:
    • निर्गुण भक्ति: यह पंथ मूर्तिपूजा और बाह्य आडंबरों का विरोध करता है तथा निराकार, अजर-अमर ‘परब्रह्म’ (निरंजन) की उपासना पर बल देता है।
    • गृहस्थ जीवन और योग साधना: इस पंथ के संत और अनुयायी गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी ईश्वर की भक्ति और हठयोग/राजयोग साधना का पालन करते हैं।
  4. प्रमुख ग्रंथ / साहित्य:
    • संत हरिदास जी उच्च कोटि के संत-कवि थे। उनके उपदेशों और आध्यात्मिक विचारों का संग्रह ‘हर्षनाथ जी की वाणी’, ‘संत हरिदास जी की वाणी’ और ‘संग्राम सार’ आदि ग्रंथों में मिलता है।
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4 questions · Curated from multiple competitive exams

Q1. निरंजनी पंथ के संस्थापक कौन थे?

Asked in: RPSC RAS CET
Answer

निरंजनी पंथ की स्थापना संत हरिदास निरंजनी ने की थी, जिनका जन्म कापड़ोड (नागौर) में हुआ था।

📌 Note: इन्हें 'कलयुग का वाल्मीकि' भी कहा जाता है।

Q2. निरंजनी पंथ की मुख्य प्रधान पीठ कहाँ स्थित है?

Asked in: Rajasthan Police REET RPSC Grade II
Answer

निरंजनी पंथ की मुख्य प्रधान पीठ गहडा (गाढ़ा), डीडवाना-कुचामन (पूर्व में नागौर) में स्थित है।

📌 Note: यह पंथ निर्गुण भक्ति और योग साधना पर बल देता है।

Q3. संत हरिदास जी (निरंजनी पंथ के संस्थापक) के बचपन का क्या नाम था?

Asked in: RPSC 2nd Grade Patwari
Answer

संत हरिदास जी के बचपन का नाम हरि सिंह सांखला था, जो पहले एक डाकू थे और बाद में संत बन गए।

📌 Note: डाकू से संत बनने के कारण इन्हें कलयुग का वाल्मीकि कहा जाता है।

Q4. निरंजनी संप्रदाय के मुख्य उपदेश किस प्रकार की भक्ति पर आधारित हैं?

Asked in: RSMSSB LDC RAS
Answer

निरंजनी संप्रदाय के उपदेश निराकार ईश्वर (निरंजन) की उपासना, निर्गुण भक्ति और नैतिकता पर आधारित हैं।

📌 Note: यह पंथ बाह्य आडंबरों और मूर्तिपूजा का विरोध करता है।

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