राजस्थान के इतिहास में ‘जनपद काल’ (लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व से चौथी शताब्दी ईसा पूर्व) भारतीय इतिहास के उस महत्वपूर्ण संक्रमण काल को दर्शाता है, जब जन...
वैदिक संस्कृति, प्राचीन नदी घाटियों और महाकाव्यकालीन साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान का आर्यों से अत्यंत गहरा और प्राचीन संबंध रहा है। राजस्थान बोर्ड (RBSE) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि...
डढ़ेडा सभ्यता (भरतपुर): विशिष्ट विवरण मानक स्रोतों (आरबीएसई, राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी और आरपीएससी पाठ्यक्रम) के अनुसार डढ़ेडा राजस्थान के उत्तर-पूर्वी भूभाग (भरतपुर क्षेत्र) में स्थित एक महत्वपूर्ण...
जिला: भरतपुर (राजस्थान)। विशेषताएँ: मलाह भी भरतपुर जिले में स्थित एक प्रमुख पुरास्थल है। यहाँ से ताम्र युगीन और लौह युगीन संस्कृतियों के अवशेष मिले हैं। इस स्थल...
ईसवाल सभ्यता (Iswal) — “प्राचीन औद्योगिक बस्ती” जिला: उदयपुर (राजस्थान) — यह उदयपुर के दक्षिण में स्थित है। विशेषताएँ: प्राचीन औद्योगिक बस्ती: ईसवाल को राजस्थान की “प्राचीन औद्योगिक...
नगर सभ्यता (टोंक): संपूर्ण एवं विस्तृत विवरण मानक स्रोतों (आरबीएसई, राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी और आरपीएससी पाठ्यक्रम) के अनुसार नगर सभ्यता राजस्थान की ऐतिहासिक, मुद्राशास्त्रीय (Numismatics) और पुरातात्विक...
तिलवाड़ा (ऐतिहासिक संदर्भ): संपूर्ण एवं विस्तृत विवरण मानक स्रोतों (आरबीएसई, राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी और आरपीएससी पाठ्यक्रम) के अनुसार तिलवाड़ा केवल मध्य पाषाण काल तक ही सीमित नहीं...
भीनमाल (भीनमाल / श्रीमाल) सभ्यता: संपूर्ण एवं विस्तृत विवरण मानक स्रोतों (आरबीएसई, राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी और आरपीएससी पाठ्यक्रम) के अनुसार भीनमाल राजस्थान के प्राचीन, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक...
नगरी सभ्यता / मध्यमिका (चित्तौड़गढ़): संपूर्ण एवं विस्तृत विवरण मानक स्रोतों (आरबीएसई, राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी और आरपीएससी पाठ्यक्रम) के अनुसार नगरी (प्राचीन नाम: मध्यमिका / मज्झिमिका) राजस्थान...
राजस्थान की ऐतिहासिक एवं मौर्यकालीन सभ्यताएँ (Historical & Mauryan Age Civilizations) प्रामाणिक स्रोतों (आरबीएसई, राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी और आरपीएससी पाठ्यक्रम) के अनुसार, प्रागैतिहासिक और ताम्र-लौह युगों के...