सामान्य परिचय
-
शासक: कुमारसिंह (Kumarsimha)
-
राजवंश: गुहिल / गहलौत वंश (रावल शाखा)
-
पिता: रावल क्षेमसिंह
-
भाई: सामंतसिंह (ज्येष्ठ भ्राता)
-
शासनकाल: लगभग 1179 ई. से 1191 ई.
-
राजधानी: नागदा / आहड़
प्रमुख सैन्य अभियान एवं मेवाड़ का पुनरुद्धार
-
कीर्तिपाल चौहान (कीतू) का निष्कासन:
-
सामंतसिंह की पराजय के बाद मेवाड़ पर नाडोल के कीर्तिपाल चौहान का अधिकार हो गया था।
-
कुमारसिंह ने कूटनीतिक और सैन्य तैयारी के साथ कीर्तिपाल पर आक्रमण किया और उसे मेवाड़ से खदेड़कर मेवाड़ के मुख्य सिंहासन पर गुहिल वंश का पुनः अधिकार स्थापित किया।
-
मेवाड़ से पराजित होकर ही कीर्तिपाल चौहान जालौर गया और वहाँ उसने 1181-82 ई. में जालौर के चौहान वंश (सोनगरा शाखा) की स्थापना की।
-
-
गुजरात के चालुक्यों (सोलंकियों) का सहयोग:
-
ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार कुमारसिंह ने अन्हिलवाड़ (गुजरात) के चालुक्य शासक अजयपाल / मूलराज द्वितीय को अपनी ओर मिलाकर सैन्य सहायता प्राप्त की थी, जिससे कीर्तिपाल को पराजित करना संभव हुआ।
-
प्रशासनिक एवं राजनीतिक महत्व
-
वंश परंपरा की निरंतरता: सामंतसिंह के वागड़ चले जाने के बाद मेवाड़ की मुख्य ‘रावल शाखा’ को कुमारसिंह ने आगे बढ़ाया।
-
राज्य की सीमाओं की सुरक्षा: कीतू के निष्कासन के बाद आंतरिक अशांति को समाप्त कर मेवाड़ के प्रशासन को पुनः सुदृढ़ किया।
प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत व अभिलेख
-
आबू का अचलेश्वर शिलालेख (1285 ई.): इसमें स्पष्ट उल्लेख है कि कुमारसिंह ने कीर्तिपाल को पराजित कर अपने पैतृक राज्य मेवाड़ को पुनः प्राप्त किया था।
-
कुंभलगढ़ प्रशस्ति (1460 ई.): कुमारसिंह द्वारा मेवाड़ की पुनर्स्थापना और गुहिल वंशावली के क्रम को प्रमाणित करती है।
-
रणकपुर प्रशस्ति (1439 ई.): मेवाड़ के उद्धारकर्ता शासकों में कुमारसिंह का नाम दर्ज करती है।
महत्वपूर्ण परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Micro-facts for UPSC/State PCS/SSC)
-
कीर्तिपाल चौहान (कीतू) को मेवाड़ से खदेड़ने वाले शासक: रावल कुमारसिंह।
-
मेवाड़ में गुहिल (रावल) शाखा के पुनर्स्थापक: कुमारसिंह (1179 ई.)।
-
कीतू के जालौर जाने का कारण: कुमारसिंह द्वारा मेवाड़ से पराजित होना।
-
सहायक शक्ति: गुजरात के चालुक्य (सोलंकी) शासक।

विद्यार्थी चर्चा एवं प्रश्नोत्तरी (Talk & Discussion)
0 टिप्पणियाँटिप्पणी या उत्तर देने के लिए लॉगिन आवश्यक है
चर्चा में भाग लेने, सवाल पूछने अथवा उत्तर दर्ज करने के लिए कृपया पहले अपने खाते में लॉगिन करें।