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सामंतसिंह

श्रेणी: प्रमुख व्यक्तित्व, राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति, राजस्थान का मध्यकालीन इतिहास एवं राजवंश | लक्षित परीक्षाएं: RPSC (RAS, SI), RSMSSB (CET, पटवार, VDO, LDC)
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सामान्य परिचय
  • शासक: सामंतसिंह (Samantasimha)
  • राजवंश: गुहिल / गहलौत वंश (रावल शाखा)
  • पिता: रावल क्षेमसिंह
  • भाई: कुमारसिंह (कनिष्ठ भ्राता)
  • शासनकाल (मेवाड़): लगभग 1172 ई. से 1179 ई.
  • वैवाहिक संबंध: इनका विवाह अजमेर के चौहान शासक पृथ्वीराज द्वितीय की बहन (या कुछ स्रोतों के अनुसार सोमेश्वर की पुत्री / पृथ्वीराज तृतीय की बहन) पृथ्वीबाई से हुआ था।
प्रमुख राजनीतिक घटनाएँ एवं सैन्य संघर्ष
  1. कीर्तिपाल चौहान (कीतू) का आक्रमण:
    • नाडोल/जालौर के चौहान शासक कीर्तिपाल चौहान (कीतू एक महान राजा) ने 1177–1179 ई. के आसपास मेवाड़ पर भीषण आक्रमण किया।
    • सामंतसिंह पराजित हुए और उन्हें मेवाड़ का मूल क्षेत्र (नागदा/आहड़) छोड़ना पड़ा।
  2. वागड़ में गुहिल वंश की नींव (1178-79 ई.):
    • मेवाड़ से विस्थापित होकर सामंतसिंह दक्षिण राजस्थान (वागड़ क्षेत्र – आधुनिक डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा) पहुंचे।
    • स्थानीय भील सरदारों को पराजित व नियंत्रित कर इन्होंने वागड़ में गुहिल राजवंश की स्वतंत्र शाखा स्थापित की तथा बड़ौदा (वटपद्रक) को अपनी राजधानी बनाया।
  3. तराइन का द्वितीय युद्ध (1192 ई.):
    • पृथ्वीराज चौहान तृतीय के बहनोई/संबंधी होने के नाते सामंतसिंह अपने सैनिकों के साथ शहाबुद्दीन मुहम्मद गोरी के विरुद्ध लड़े।
    • तराइन के ऐतिहासिक मैदान में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सामंतसिंह वीरगति को प्राप्त हुए।
प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत व अभिलेख
  • जगत का शिलालेख (उदयपुर – 1171 ई.): सामंतसिंह के शासनकाल के आरंभिक समय का साक्ष्य।
  • सूलपार्क / सोलंकी अभिलेख एवं आबू शिलालेख (1285 ई.): कीर्तिपाल के हाथों मेवाड़ खोने और वागड़ राज्य की स्थापना का उल्लेख।
  • पृथ्वीराज रासो: सामंतसिंह (सामंतसी) के तराइन युद्ध में अदम्य साहस और बलिदान का वर्णन करता है।
  • कुंभलगढ़ प्रशस्ति (1460 ई.): मेवाड़ के घटनाक्रम और कुमारसिंह द्वारा पुनः राज्य प्राप्ति का विवरण।
महत्वपूर्ण परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Micro-facts for UPSC/State PCS/SSC)
  • वागड़ (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) में गुहिल वंश के संस्थापक: रावल सामंतसिंह (1178-79 ई.)।
  • वागड़ राज्य की प्रारंभिक राजधानी: बड़ौदा (वटपद्रक)।
  • सामंतसिंह को मेवाड़ से बेदखल करने वाला शासक: जालौर/नाडोल का कीर्तिपाल चौहान (कीतू)।
  • कीर्तिपाल को पराजित कर मेवाड़ पुनः प्राप्त करने वाला शासक: कुमारसिंह (सामंतसिंह का छोटा भाई)।
  • तराइन के द्वितीय युद्ध (1192 ई.) में भाग लेने वाले मेवाड़/वागड़ के शासक: सामंतसिंह।
  • पत्नी: अजमेर के चौहान वंश की राजकुमारी पृथ्वीबाई।

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