प्रामाणिक अध्ययन नोट्स (Reference Archive)

रामस्नेही संप्रदाय

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सत्यापित: 03 October 2026
मुख्य बिंदु: यहाँ रामस्नेही संप्रदाय और इसके संस्थापक संत रामचरण जी से संबंधित महत्त्वपूर्ण परीक्षा-उपयोगी नोट्स दिए जा रहे हैं: रामस्नेही संप्रदाय एवं संत रामचरण जी – प्रमुख नोट्स संत रामचरण जी का जन्म: इनका जन्म संवत 1776 (ईस्वी सन 1719) की वैशाख शुक्ल त्रयोदशी को सोडा ग्राम (टोंक जिला) में हुआ था। इनके बचपन का नाम […]
यहाँ रामस्नेही संप्रदाय और इसके संस्थापक संत रामचरण जी से संबंधित महत्त्वपूर्ण परीक्षा-उपयोगी नोट्स दिए जा रहे हैं:

रामस्नेही संप्रदाय एवं संत रामचरण जी – प्रमुख नोट्स

  • संत रामचरण जी का जन्म: इनका जन्म संवत 1776 (ईस्वी सन 1719) की वैशाख शुक्ल त्रयोदशी को सोडा ग्राम (टोंक जिला) में हुआ था। इनके बचपन का नाम रामकृष्ण था।
  • संप्रदाय की स्थापना: संत रामचरण जी ने समाज में व्याप्त पाखंडों और जाति-पाती के भेदभाव का विरोध करते हुए ‘रामस्नेही संप्रदाय’ की स्थापना की।
  • प्रधान पीठ: रामस्नेही संप्रदाय की मुख्य प्रधान पीठ शाहपुरा (भीलवाड़ा) में स्थित है।
  • प्रमुख विशेषताएँ:
    • इस संप्रदाय में मूर्तिपूजा का निषेध है और कण-कण में व्याप्त निराकार परब्रह्म (निर्गुण राम) की उपासना की जाती है।
    • इसके साधु और अनुयायी वैराग्य व प्रेम के प्रतीक के रूप में गुलाबी या लाल रंग के वस्त्र धारण करते हैं तथा पूर्णतः शाकाहारी, नशा-मुक्त और अहिंसक होते हैं।
  • संप्रदाय की अन्य प्रमुख शाखाएँ (पीठें):
    1. शाहपुरा (भीलवाड़ा): मुख्य पीठ (संत रामचरण जी)
    2. रेण (मेड़ता, नागौर): संत दरियाव जी
    3. सिंहथल (बीकानेर): संत हरिदास जी
    4. खेड़ा (बांसवाड़ा): संत रामदास जी
  • प्रमुख ग्रंथ / साहित्य: संत रामचरण जी के उपदेशों और भजनों का विशाल संग्रह ‘अवाणी’ (वाणी) नामक ग्रंथ में संकलित है।
📖 Exam Questions & Answers
5 questions · Curated from multiple competitive exams

Q1. संत चरणदास जी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

Asked in: RAS RPSC Grade II REET
Answer

संत चरणदास जी का जन्म संवत 1760 (ईस्वी सन 1703) की वैशाख शुक्ल दशमी को डेहरा (अलवर, राजस्थान) में हुआ था।

📌 Note: बचपन का नाम रंजीत था।

Q2. चरणदासी संप्रदाय की प्रधान पीठ कहाँ स्थित है?

Asked in: Rajasthan Police RPSC CET
Answer

चरणदासी संप्रदाय की मुख्य प्रधान पीठ नई दिल्ली में स्थित है, जबकि इसका प्रभाव क्षेत्र अलवर व एनसीआर रहा है।

📌 Note: निर्गुण और सगुण भक्ति का समन्वय।

Q3. चरणदासी संप्रदाय के अनुयायियों के लिए कितने नियम निर्धारित हैं?

Asked in: RSMSSB LDC Patwari
Answer

इस संप्रदाय के अनुयायियों के लिए 42 नियम निर्धारित किए गए हैं, जिसमें नशा त्याग और सत्य आचरण शामिल है।

📌 Note: नियमों का कड़ाई से पालन किया जाता है।

Q4. संत चरणदास जी की प्रमुख महिला शिष्याएँ कौन थीं?

Asked in: RAS RPSC School Lecturer
Answer

संत चरणदास जी की दो प्रमुख शिष्याएँ दयाबाई (ग्रंथ: दया बोध, विनय मालिका) और सहजोबाई (ग्रंथ: सहज प्रकाश) थीं।

📌 Note: दोनों प्रसिद्ध कवयित्रियाँ थीं।

Q5. किस संत ने नादिर शाह के दिल्ली आक्रमण की सटीक भविष्यवाणी की थी?

Asked in: RPSC 2nd Grade RAS
Answer

संत चरणदास जी ने नादिर शाह के आक्रमण की भविष्यवाणी की थी, जो बिल्कुल सच साबित हुई।

📌 Note: इन्हें भविष्य की घटनाओं का ज्ञान था।

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