मुख्य बिंदु: भोजन थाली मेला : कामां (भरतपुर / डीग) 1. कब और कहाँ तिथि: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (ऋषि पंचमी के दिन)। समय: अगस्त–सितंबर। प्रमुख स्थान: कामां (Kaman), ज़िला डीग (पूर्व में भरतपुर ज़िला), राजस्थान। सांस्कृतिक क्षेत्र: यह क्षेत्र ऐतिहासिक और भौगोलिक रूप से ‘ब्रज क्षेत्र’ (ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा) का अभिन्न […]
भोजन थाली मेला : कामां (भरतपुर / डीग)
1. कब और कहाँ
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तिथि: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (ऋषि पंचमी के दिन)।
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समय: अगस्त–सितंबर।
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प्रमुख स्थान: कामां (Kaman), ज़िला डीग (पूर्व में भरतपुर ज़िला), राजस्थान।
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सांस्कृतिक क्षेत्र: यह क्षेत्र ऐतिहासिक और भौगोलिक रूप से ‘ब्रज क्षेत्र’ (ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा) का अभिन्न अंग है।
2. पौराणिक पृष्ठभूमि एवं लोककथा
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भगवान श्रीकृष्ण की बाल-लीला स्थल:
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पौराणिक मान्यता के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण जब अपने सखा ग्वाल-बालों और गऊओं के साथ वन में विचरण करते थे, तब वे कामां के इस सुरम्य वन क्षेत्र में विश्राम करते थे।
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भोजन थाली नामकरण का कारण:
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इसी स्थान पर एक विशाल शिलाखंड (पत्थर की चट्टान) पर बैठकर भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और उनके सखाओं (सुदामा, श्रीदामा, मनसुखा आदि) ने अपनी-अपनी पोटलियों से कलेवा निकालकर एक साथ बैठकर भोजन किया था।
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मान्यता है कि उस समय पर्वत शिला पर थाली, कटोरी और भोजन के पात्रों के स्पष्ट प्राकृतिक पद/पात्र चिह्न (इम्प्रेशंस) उभर आए थे।
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आज भी यहाँ पर्वत श्रृंखला पर स्थित उस पाषाण शिला को ‘भोजन थाली शिला’ कहा जाता है, जहाँ श्रद्धालु श्रद्धापूर्वक नतमस्तक होते हैं।
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3. प्रमुख परंपराएँ एवं मेले का स्वरूप
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ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा का प्रमुख पड़ाव: भाद्रपद मास में लाखों श्रद्धालु उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात से ब्रज चौरासी कोस की पैदल परिक्रमा करते हैं। कामां इस परिक्रमा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।
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विशाल दंगल (कुश्ती प्रतियोगिता): भोजन थाली मेले के अवसर पर कामां में राज्य व राष्ट्रीय स्तर का पारंपरिक कुश्ती दंगल आयोजित होता है, जिसमें राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के नामी पहलवान ‘कामां केसरी’ खिताब के लिए भाग लेते हैं।
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रासलीला और ब्रज संकीर्तन: मेले के दौरान रातभर स्थानीय कलाकारों और मथुरा-वृंदावन की मंडलियों द्वारा सजीव रासलीला, चरकुला नृत्य, हुरंगा और ब्रज रसिया का गायन होता है।
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सामूहिक प्रसादी (पंगत): इस दिन श्रद्धालु एक साथ बैठकर सामूहिक रूप से प्रसाद/भोजन ग्रहण करते हैं, जो सामाजिक समरसता और सखा-भाव का प्रतीक है।
4. परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Pointers)
| बिंदु | विवरण |
| सीधा प्रतियोगी प्रश्न (RPSC / RSMSSB) | “राजस्थान में भोजन थाली मेला कहाँ आयोजित होता है?” — कामां (डीग / भरतपुर)। |
| मेले की तिथि | भाद्रपद शुक्ल पंचमी (ऋषि पंचमी)। |
| नवीन प्रशासनिक विभाजन | कामां अब नवगठित डीग ज़िले के अंतर्गत आता है (विकल्प में डीग न होने पर भरतपुर सही उत्तर होगा)। |
| कामां के अन्य प्रमुख ऐतिहासिक/धार्मिक स्थल |
• चौरासी खंभा मंदिर (Chaurasi Khamba): कामां में स्थित प्रतिहार/सोलंकी कालीन 84 नक्काशीदार खंभों वाला प्रसिद्ध स्मारक।
• काम्यवन: ब्रज के 12 मुख्य वनों में से एक (कामां का प्राचीन नाम ‘काम्यवन’ था)।
• मदन मोहन जी एवं गोकुलचंद्र जी मंदिर: वल्लभ (पुष्टि) संप्रदाय के प्रमुख देवालय।
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| डीग ज़िले के अन्य प्रमुख मेले |
• ब्रज महोत्सव: डीग/भरतपुर (शुक्ल पक्ष, फाल्गुन)।
• गंगा दशहरा मेला: कामां (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी)।
• गरुड़ मेला: बंशी पहाड़पुर (कार्तिक माह)।
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