राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC RAS, स्कूल व्याख्याता/1st Grade, वरिष्ठ अध्यापक/2nd Grade, RSMSSB) के लिए राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी (डॉ. हरिमोहन सक्सेना) एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के प्रामाणिक संदर्भों पर आधारित ‘अरावली की सर्वोच्च 10 चोटियां: ऊंचाई, जिला एवं याद रखने की आसान ट्रिक’ का व्यवस्थित संकलन:
1. परिचय / मुख्य तथ्य (Introduction & Core Facts)
अरावली पर्वतमाला की सर्वोच्च चोटियाँ मुख्य रूप से दक्षिणी अरावली (सिरोही, उदयपुर, राजसमंद) तथा उत्तरी अरावली (सीकर) में विस्तृत हैं।
अरावली की सर्वोच्च 10 पर्वत चोटियों की प्रामाणिक तालिका (घटते क्रम में):
| क्र.सं. | चोटी का नाम | ऊँचाई (मीटर में) | संबंधित जिला | भौगोलिक क्षेत्र |
| 1. | गुरुशिखर | 1722 मी. (मंदिर सहित 1727 मी.) | सिरोही (माउंट आबू) | दक्षिणी अरावली |
| 2. | सेर (शेर) | 1597 मी. | सिरोही | दक्षिणी अरावली |
| 3. | दिलवाड़ा (देलवाड़ा) | 1442 मी. | सिरोही | दक्षिणी अरावली |
| 4. | जरगा | 1431 मी. | उदयपुर | दक्षिणी अरावली |
| 5. | अचलगढ़ | 1380 मी. | सिरोही | दक्षिणी अरावली |
| 6. | आबू (कुंभलगढ़ से पूर्व) / कुंभलगढ़ | 1224 मी. | राजसमंद | दक्षिणी अरावली |
| 7. | धोनिया / ऋषिकेश | 1017 मी. | सिरोही | दक्षिणी अरावली |
| 8. | कमलनाथ | 1001 मी. | उदयपुर | दक्षिणी अरावली |
| 9. | सज्जनगढ़ | 938 मी. | उदयपुर | दक्षिणी अरावली |
| 10. | मोरम जी / टॉडगढ़ (गौरम जी) | 933/934 मी. | ब्यावर (पूर्व में अजमेर) | मध्य अरावली |
(नोट: उत्तरी अरावली की सबसे ऊँची चोटी रघुनाथगढ़ (1055 मी., सीकर) है, जो समग्र अरावली में 7वें क्रम पर आती है।)
2. प्रमुख रचनाएँ और रचनाकार (Major Works & Authors related to the Peaks)
- कर्नल जेम्स टॉड (Annals and Antiquities of Rajasthan):
- गुरुशिखर को ‘संतों का शिखर’ (The Peak of the Saints) कहा, क्योंकि यहाँ दत्तात्रेय ऋषि का आश्रम/तपोस्थली है।
- आबू पर्वत खंड को ‘हिन्दू ओलम्पस’ (देवताओं का निवास) की संज्ञा दी।
- कविराजा श्यामलदास (वीर विनोद):
- कुंभलगढ़ एवं अचलगढ़ दुर्गों की सामरिक ऊँचाई, जरगा की दुर्गम पहाड़ियों और मेवाड़ की रक्षा प्राचीर का ऐतिहासिक वर्णन।
- मुहणौत नैणसी (नैणसी री ख्यात):
- आबू, सिरोही और अरावली की उच्च श्रेणियों की सामरिक सीमाओं और प्राकृतिक घाटियों का विवरण।
- महाराणा कुंभा (संगीतराज / वास्तुशास्त्र ग्रंथ):
- अचलगढ़ (सिरोही) और कुंभलगढ़ (राजसमंद) की सर्वोच्च चोटियों पर सामरिक दृष्टि से अभेद्य दुर्गों का पुनर्निर्माण।
3. विशिष्ट विशेषताएँ, प्रवृत्तियाँ एवं याद रखने की आसान ट्रिक
(A) याद रखने की अचूक ट्रिक:
- गुरु $\rightarrow$ गुरुशिखर (1722 मी., सिरोही)
- से $\rightarrow$ सेर (1597 मी., सिरोही)
- दिल $\rightarrow$ दिलवाड़ा (1442 मी., सिरोही)
- जरा $\rightarrow$ जरगा (1431 मी., उदयपुर)
- अचला $\rightarrow$ अचलगढ़ (1380 मी., सिरोही)
- कुंभा $\rightarrow$ कुंभलगढ़ (1224 मी., राजसमंद)
- रघु $\rightarrow$ रघुनाथगढ़ (1055 मी., सीकर – उत्तरी अरावली की सर्वोच्च)
- ऋषि $\rightarrow$ ऋषिकेश (1017 मी., सिरोही)
- का $\rightarrow$ कमलनाथ (1001 मी., उदयपुर)
- सज्जन $\rightarrow$ सज्जनगढ़ (938 मी., उदयपुर)
- मोर $\rightarrow$ मोरम जी / टॉडगढ़ (933 मी., ब्यावर – मध्य अरावली की सर्वोच्च)
(B) क्षेत्रीय सर्वोच्च चोटियों की प्रवृत्ति:
- दक्षिणी अरावली का सर्वोच्च शिखर: गुरुशिखर (1722 मी., सिरोही)
- उत्तरी अरावली का सर्वोच्च शिखर: रघुनाथगढ़ (1055 मी., सीकर)
- मध्य अरावली का सर्वोच्च शिखर: टॉडगढ़ / मोरम जी (933 मी., ब्यावर/अजमेर)
- सिरोही जिले का एकाधिकार: शीर्ष 5 में से 4 चोटियाँ (गुरुशिखर, सेर, दिलवाड़ा, अचलगढ़) अकेले सिरोही जिले में स्थित हैं।
4. परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु और संभावित प्रश्न
- दत्तात्रेय मंदिर: गुरुशिखर की चोटी पर 5 मीटर ऊँचा मंदिर बना है, जिसे मिलाकर इसकी कुल ऊँचाई 1727 मीटर मानी जाती है, किंतु प्रामाणिक भौगोलिक ऊँचाई 1722 मीटर ही है।
- उदयपुर की सर्वोच्च चोटी: जरगा (1431 मीटर)।
- राजसमंद की सर्वोच्च चोटी: कुंभलगढ़ (1224 मीटर)।