प्रामाणिक अध्ययन नोट्स (Reference Archive)

गुरुशिखर (1722 मी.)

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सत्यापित: 02 September 2026
मुख्य बिंदु: राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC RAS, स्कूल व्याख्याता/1st Grade, वरिष्ठ अध्यापक/2nd Grade, RSMSSB आदि) के लिए राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी (डॉ. हरिमोहन सक्सेना) एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित ‘गुरुशिखर (1722 मी.): राजस्थान की सबसे ऊंची चोटी का इतिहास व रोचक तथ्य’ का प्रामाणिक व व्यवस्थित संकलन: 1. परिचय / मुख्य तथ्य […]

राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC RAS, स्कूल व्याख्याता/1st Grade, वरिष्ठ अध्यापक/2nd Grade, RSMSSB आदि) के लिए राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी (डॉ. हरिमोहन सक्सेना) एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित ‘गुरुशिखर (1722 मी.): राजस्थान की सबसे ऊंची चोटी का इतिहास व रोचक तथ्य’ का प्रामाणिक व व्यवस्थित संकलन:

1. परिचय / मुख्य तथ्य (Introduction & Core Facts)

  • सर्वोच्च शिखर: गुरुशिखर राजस्थान, अरावली पर्वतमाला तथा संपूर्ण मध्य भारत (हिमालय और नीलगिरि के मध्य) का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है।
  • प्रामाणिक भौगोलिक ऊँचाई: 1722 मीटर (5650 फीट)।
  • मंदिर सहित ऊँचाई: चोटी पर स्थित भगवान दत्तात्रेय के मंदिर (ध्वज/शिखर सहित 5 मीटर) को जोड़ने पर कुल ऊँचाई 1727 मीटर दर्ज की जाती है, किंतु मानक भौगोलिक प्रश्नों में उत्तर 1722 मीटर ही माना जाता है।
  • भौगोलिक स्थिति:
    • जिला: सिरोही
    • क्षेत्र: माउंट आबू (आबू पर्वत खंड/दक्षिणी अरावली)
  • भू-आकृतिक संरचना: यह बाथोलिथ (Batholith) संरचना और कठोर ग्रेनाइटिक शैलों (आबू ब्लॉक) से निर्मित एक विशाल अवशिष्ट भू-भाग है।

2. प्रमुख रचनाएँ, रचनाकार एवं साहित्यिक-ऐतिहासिक संदर्भ

  • कर्नल जेम्स टॉड (Annals and Antiquities of Rajasthan):
    • टॉड ने गुरुशिखर को ‘संतों का शिखर’ (The Peak of the Saints) नाम दिया, क्योंकि यहाँ अनेक ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रही है।
    • इन्होंने संपूर्ण आबू पर्वत क्षेत्र को ‘हिन्दू ओलम्पस’ (देवताओं का पर्वत) की उपाधि दी।
  • प्राचीन पुराण एवं ‘अर्बुद माहात्म्य’ (स्कंद पुराण):
    • स्कंद पुराण के ‘अर्बुद खंड’ में इस शिखर को भगवान शिव और दत्तात्रेय की परम तपोभूमि बताया गया है।
  • कविराजा श्यामलदास (वीर विनोद):
    • सिरोही एवं आबू क्षेत्र के देवड़ा चौहानों के शासन, आबू पर्वत की सामरिक सुरक्षा और गुरुशिखर के आसपास की भौगोलिक स्थिति का प्रामाणिक उल्लेख।
  • मुहणौत नैणसी (नैणसी री ख्यात):
    • अर्बुद पर्वत (आबू) और उसकी ऊँची चोटियों को सिरोही एवं मेवाड़ के मध्य की अभेद्य प्राकृतिक प्राचीर के रूप में प्रस्तुत किया।

3. विशिष्ट विशेषताएँ या प्रवृत्तियाँ (Key Characteristics & Interesting Facts)

  • भगवान दत्तात्रेय का मंदिर:
    • शिखर के शीर्ष पर भगवान दत्तात्रेय (ब्रह्मा, विष्णु, महेश के त्रिदेव अवतार) का प्राचीन मंदिर व चरण पादुकाएँ स्थित हैं। इसी कारण इस चोटी का नाम ‘गुरु-शिखर’ (गुरु का शिखर) पड़ा।
  • मध्य भारत का सर्वोच्च बिंदु:
    • उत्तर में हिमालय तथा दक्षिण में पश्चिमी घाट/नीलगिरि पर्वतमाला के बीच गुरुशिखर पूरे प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी भाग का सबसे ऊँचा बिंदु है।
  • माउंट आबू इन्फ्रारेड वेधशाला (MIRO – PRL):
    • गुरुशिखर पर भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (Physical Research Laboratory, Ahmedabad) द्वारा संचालित 1.2 मीटर व्यास वाली आधुनिक खगोलीय अवरक्त वेधशाला (Infrared Observatory) स्थापित है।
  • जलवायु एवं वनस्पति:
    • अत्यधिक ऊँचाई के कारण यहाँ राजस्थान का सबसे कम तापमान दर्ज किया जाता है। यहाँ राजस्थान में एकमात्र उप-उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (Sub-tropical Evergreen Forests) पाए जाते हैं।

4. परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु और संभावित प्रश्न

  • उड़िया का पठार: गुरुशिखर के ठीक नीचे राजस्थान का सबसे ऊँचा पठार उड़िया का पठार (1360 मी.) अवस्थित है।
  • शीर्ष 5 चोटियों में स्थान: अरावली की चोटियों के अवरोही क्रम में यह प्रथम स्थान पर है (गुरुशिखर > सेर > दिलवाड़ा > जरगा > अचलगढ़)।

प्रमाणित संदर्भ एवं ग्रंथ सूची

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