मुख्य बिंदु: राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC RAS, स्कूल व्याख्याता/1st Grade, वरिष्ठ अध्यापक/2nd Grade, RSMSSB आदि) के लिए राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी (डॉ. हरिमोहन सक्सेना) एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित ‘गुरुशिखर (1722 मी.): राजस्थान की सबसे ऊंची चोटी का इतिहास व रोचक तथ्य’ का प्रामाणिक व व्यवस्थित संकलन: 1. परिचय / मुख्य तथ्य […]
राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC RAS, स्कूल व्याख्याता/1st Grade, वरिष्ठ अध्यापक/2nd Grade, RSMSSB आदि) के लिए राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी (डॉ. हरिमोहन सक्सेना) एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित ‘गुरुशिखर (1722 मी.): राजस्थान की सबसे ऊंची चोटी का इतिहास व रोचक तथ्य’ का प्रामाणिक व व्यवस्थित संकलन:
1. परिचय / मुख्य तथ्य (Introduction & Core Facts)
- सर्वोच्च शिखर: गुरुशिखर राजस्थान, अरावली पर्वतमाला तथा संपूर्ण मध्य भारत (हिमालय और नीलगिरि के मध्य) का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है।
- प्रामाणिक भौगोलिक ऊँचाई: 1722 मीटर (5650 फीट)।
- मंदिर सहित ऊँचाई: चोटी पर स्थित भगवान दत्तात्रेय के मंदिर (ध्वज/शिखर सहित 5 मीटर) को जोड़ने पर कुल ऊँचाई 1727 मीटर दर्ज की जाती है, किंतु मानक भौगोलिक प्रश्नों में उत्तर 1722 मीटर ही माना जाता है।
- भौगोलिक स्थिति:
- जिला: सिरोही
- क्षेत्र: माउंट आबू (आबू पर्वत खंड/दक्षिणी अरावली)
- भू-आकृतिक संरचना: यह बाथोलिथ (Batholith) संरचना और कठोर ग्रेनाइटिक शैलों (आबू ब्लॉक) से निर्मित एक विशाल अवशिष्ट भू-भाग है।
2. प्रमुख रचनाएँ, रचनाकार एवं साहित्यिक-ऐतिहासिक संदर्भ
- कर्नल जेम्स टॉड (Annals and Antiquities of Rajasthan):
- टॉड ने गुरुशिखर को ‘संतों का शिखर’ (The Peak of the Saints) नाम दिया, क्योंकि यहाँ अनेक ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रही है।
- इन्होंने संपूर्ण आबू पर्वत क्षेत्र को ‘हिन्दू ओलम्पस’ (देवताओं का पर्वत) की उपाधि दी।
- प्राचीन पुराण एवं ‘अर्बुद माहात्म्य’ (स्कंद पुराण):
- स्कंद पुराण के ‘अर्बुद खंड’ में इस शिखर को भगवान शिव और दत्तात्रेय की परम तपोभूमि बताया गया है।
- कविराजा श्यामलदास (वीर विनोद):
- सिरोही एवं आबू क्षेत्र के देवड़ा चौहानों के शासन, आबू पर्वत की सामरिक सुरक्षा और गुरुशिखर के आसपास की भौगोलिक स्थिति का प्रामाणिक उल्लेख।
- मुहणौत नैणसी (नैणसी री ख्यात):
- अर्बुद पर्वत (आबू) और उसकी ऊँची चोटियों को सिरोही एवं मेवाड़ के मध्य की अभेद्य प्राकृतिक प्राचीर के रूप में प्रस्तुत किया।
3. विशिष्ट विशेषताएँ या प्रवृत्तियाँ (Key Characteristics & Interesting Facts)
- भगवान दत्तात्रेय का मंदिर:
- शिखर के शीर्ष पर भगवान दत्तात्रेय (ब्रह्मा, विष्णु, महेश के त्रिदेव अवतार) का प्राचीन मंदिर व चरण पादुकाएँ स्थित हैं। इसी कारण इस चोटी का नाम ‘गुरु-शिखर’ (गुरु का शिखर) पड़ा।
- मध्य भारत का सर्वोच्च बिंदु:
- उत्तर में हिमालय तथा दक्षिण में पश्चिमी घाट/नीलगिरि पर्वतमाला के बीच गुरुशिखर पूरे प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी भाग का सबसे ऊँचा बिंदु है।
- माउंट आबू इन्फ्रारेड वेधशाला (MIRO – PRL):
- गुरुशिखर पर भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (Physical Research Laboratory, Ahmedabad) द्वारा संचालित 1.2 मीटर व्यास वाली आधुनिक खगोलीय अवरक्त वेधशाला (Infrared Observatory) स्थापित है।
- जलवायु एवं वनस्पति:
- अत्यधिक ऊँचाई के कारण यहाँ राजस्थान का सबसे कम तापमान दर्ज किया जाता है। यहाँ राजस्थान में एकमात्र उप-उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (Sub-tropical Evergreen Forests) पाए जाते हैं।
4. परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु और संभावित प्रश्न
- उड़िया का पठार: गुरुशिखर के ठीक नीचे राजस्थान का सबसे ऊँचा पठार उड़िया का पठार (1360 मी.) अवस्थित है।
- शीर्ष 5 चोटियों में स्थान: अरावली की चोटियों के अवरोही क्रम में यह प्रथम स्थान पर है (गुरुशिखर > सेर > दिलवाड़ा > जरगा > अचलगढ़)।