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राजस्थान की राज्य व्यवस्था

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सत्यापित: 02 October 2026
मुख्य बिंदु: 1. राजस्थान की कार्यपालिका (Executive) राज्यपाल (Governor) संवैधानिक स्थिति: अनुच्छेद 153 के तहत प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा (सातवें संविधान संशोधन 1956 के अनुसार दो या अधिक राज्यों का एक राज्यपाल भी हो सकता है)। नियुक्ति व कार्यकाल: राष्ट्रपति द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर 5 वर्ष के लिए नियुक्त, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत […]

1. राजस्थान की कार्यपालिका (Executive)

राज्यपाल (Governor)

  • संवैधानिक स्थिति: अनुच्छेद 153 के तहत प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा (सातवें संविधान संशोधन 1956 के अनुसार दो या अधिक राज्यों का एक राज्यपाल भी हो सकता है)।
  • नियुक्ति व कार्यकाल: राष्ट्रपति द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर 5 वर्ष के लिए नियुक्त, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहते हैं (अनुच्छेद 155-156)।
  • योग्यताएं (अनुच्छेद 157): भारत का नागरिक हो और 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
  • शक्तियाँ:
    • विधायी शक्ति: अध्यादेश जारी करने की शक्ति (अनुच्छेद 213)। विधानसभा द्वारा पारित विधेयक पर हस्ताक्षर या अनुमति रोकना।
    • क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 161): मृत्युदंड को छोड़कर राज्य सूची के विषयों पर सजा माफ या कम करना।

मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद (Chief Secretary & Council of Ministers)

  • नियुक्ति (अनुच्छेद 164): राज्यपाल द्वारा बहुमत दल के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है, तथा सीएम की सलाह पर अन्य मंत्रियों की नियुक्ति होती है।
  • सामूहिक उत्तरदायित्व: मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य की विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है (अनुच्छेद 164 का उपबंध 2)।
  • महाधिवक्ता (Advocate General – अनुच्छेद 165): राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी, जिसकी योग्यता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनने जैसी होती है।

2. राजस्थान की विधायिका (Legislature)

राजस्थान विधानसभा (Legislative Assembly)

  • गठन व संरचना: राजस्थान में एकसदनीय व्यवस्था (केवल विधानसभा) है। वर्तमान में कुल निर्वाचित सदस्यों की संख्या 200 है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: पहली विधानसभा का गठन 29 मार्च 1952 को हुआ था (प्रथम अध्यक्ष: नरोत्तम लाल जोशी)।
  • प्रमुख पदाधिकारी: अध्यक्ष और उपाध्यक्ष (अनुच्छेद 178)। अध्यक्ष सदन का संचालन करते हैं और निर्णायक मत देते हैं।

3. राज्य की न्यायपालिका (Judiciary)

उच्च न्यायालय (High Court – जोधपुर)

  • स्थापना: 29 अगस्त 1949 को राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश के तहत (उद्घाटन प्रमुख राज्य प्रमुख महाराजा मानसिंह द्वारा)। इसकी मुख्य पीठ जोधपुर में और एक खंडपीठ जयपुर में स्थित है।
  • संरचना व नियुक्ति: एक मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीश, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और राज्य के राज्यपाल से परामर्श कर की जाती है (अनुच्छेद 217)।
  • अधीनस्थ न्यायालय: अनुच्छेद 233 से 237 के अंतर्गत जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से की जाती है।

4. प्रशासनिक एवं स्थानीय स्वशासन (Administration & Local Bodies)

सचिवालय एवं मुख्य सचिव (Secretariat & Chief Secretary)

  • मुख्य सचिव (Chief Secretary): राज्य प्रशासन का प्रशासनिक मुखिया, कैबिनेट सचिव और मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार। राजस्थान में प्रथम मुख्य सचिव के. राधाकृष्णन थे।
  • पंचायती राज व्यवस्था (Panchayati Raj):
    • देश में त्रि-स्तरीय पंचायती राज का शुभारंभ 2 अक्टूबर 1959 को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा नागौर जिले के बगदरी गाँव से किया गया था।
    • 73वाँ संविधान संशोधन (1992): इसके तहत राजस्थान में नया पंचायती राज अधिनियम 1994 लागू हुआ (संविधान का भाग IX और अनुसूची 11 जोड़ी गई)।

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