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राजस्थान में अरावली: लंबाई, क्षेत्रफल एवं जनसंख्या का प्रतिशत

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सत्यापित: 31 August 2026
मुख्य बिंदु: राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC RAS, 1st Grade, 2nd Grade, RSMSSB आदि) के लिए राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी (डॉ. हरिमोहन सक्सेना / डॉ. वी. सी. मिश्रा) एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित ‘राजस्थान में अरावली: लंबाई, क्षेत्रफल एवं जनसंख्या का प्रतिशत’ का प्रामाणिक व व्यवस्थित संकलन: 1. परिचय / मुख्य तथ्य (Introduction […]

राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC RAS, 1st Grade, 2nd Grade, RSMSSB आदि) के लिए राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी (डॉ. हरिमोहन सक्सेना / डॉ. वी. सी. मिश्रा) एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित ‘राजस्थान में अरावली: लंबाई, क्षेत्रफल एवं जनसंख्या का प्रतिशत’ का प्रामाणिक व व्यवस्थित संकलन:

1. परिचय / मुख्य तथ्य (Introduction & Core Facts)

  • लंबाई के आंकड़े:
    • कुल लंबाई: गुजरात (पालनपुर) से दिल्ली (रायसीना हिल्स) तक कुल लंबाई 692 किमी है।
    • राजस्थान में लंबाई: खेडब्रह्मा (सिरोही सीमा) से खेतड़ी (नीम का थाना / झुंझुनूं) तक कुल 550 किमी है।
    • प्रतिशत अनुपात: अरावली पर्वतमाला की कुल लंबाई का लगभग 79.48% (लगभग 80%) भाग राजस्थान राज्य में विस्तृत है।
  • क्षेत्रफल का प्रतिशत:
    • राजस्थान के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल (3,42,239 वर्ग किमी) का लगभग 9.3% (लगभग 9%) भाग अरावली पर्वतीय प्रदेश के अंतर्गत आता है।
  • जनसंख्या का प्रतिशत:
    • राजस्थान की कुल जनसंख्या का लगभग 10% भाग इस पर्वतीय प्रदेश में निवास करता है।
  • जनसंख्या घनत्व: पर्वतीय एवं पथरीली संरचना के कारण यहाँ का जनघनत्व राजस्थान के पूर्वी मैदानी भाग (जहाँ 39% जनसंख्या निवास करती है) की तुलना में काफी कम (मध्यम) है।

2. प्रमुख रचनाएँ और रचनाकार (Major Works & Authors related to the Topic)

अरावली के विस्तार, इसके सीमावर्ती भू-भागों तथा जनजातीय आबादी के वितरण का ऐतिहासिक व साहित्यिक विवरण निम्नलिखित कृतियों में मिलता है:

  • मुहणौत नैणसी (मारवाड़ रा परगनां री विगत एवं नैणसी री ख्यात): अरावली के पर्वतीय ढालों में बसे गाँवों, जनसंख्या, सीमाओं और कर-संग्रह (रेक) का पहला व्यवस्थित प्रशासनिक दस्तावेज।
  • कविराजा श्यामलदास (वीर विनोद): अरावली के दक्षिणी क्षेत्र (मेवाड़ अंचल) की दुर्गम घाटियों, भोराठ क्षेत्र और यहाँ निवास करने वाली भील-मीणा जनसंख्या के सामाजिक-सामरिक महत्व का विवरण।
  • कर्नल जेम्स टॉड (Annals and Antiquities of Rajasthan): अरावली पर्वतमाला के कुल विस्तार, माउंट आबू की ऊँचाई और पर्वतीय बस्तियों का भौगोलिक विवरण।
  • डॉ. हरिमोहन सक्सेना (राजस्थान का भूगोल – हिंदी ग्रंथ अकादमी): राजस्थान के भौतिक प्रदेशों के क्षेत्रफल (9.3%) और जनसंख्या (10%) का प्रामाणिक वर्गीकरण प्रस्तुत किया।

3. विशिष्ट विशेषताएँ या प्रवृत्तियाँ (Key Characteristics / Trends)

  • जनसांख्यिकी एवं जनजातीय बहुलता:
    • अरावली पर्वतीय प्रदेश मुख्य रूप से राजस्थान की प्रमुख जनजातियों (भील, गरासिया, डामोर, मीणा, कत्थौड़ी) का प्रमुख आवास स्थल है।
    • दक्षिणी अरावली (उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही) में सर्वाधिक जनजातीय जनसंख्या संकेंद्रित है।
  • क्षेत्रफल व जनसंख्या का तुलनात्मक संतुलन:
    • जहाँ पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश 61.11% क्षेत्रफल पर 40% जनसंख्या समेटे हुए है, वहीं अरावली प्रदेश 9.3% क्षेत्रफल पर 10% जनसंख्या को धारण करता है (अर्थात् क्षेत्रफल और जनसंख्या का अनुपात लगभग 1:1 है)।
  • जिलों में विस्तार:
    • मुख्य विस्तार (7 जिले): सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, अलवर।
    • गौण/व्यापक विस्तार: सीकर, झुंझुनूं, पाली, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा सहित कुल 12-13 जिलों में इसकी पहाड़ियाँ फैली हैं।

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