मुख्य बिंदु: प्रदान की गई राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 (Economic Review 2025-26) के आधार पर आरपीएससी (RPSC) और आरएसएमएसएसबी (RSMSSB) प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से सभी महत्वपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी तथ्य नीचे बिंदुवार प्रस्तुत हैं: 1. राज्य की अर्थव्यवस्था के मुख्य समंक एवं संकेतक (Macro-Economic Indicators) सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP): स्थिर मूल्यों पर (2011-12 के आधार पर): […]
प्रदान की गई राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 (Economic Review 2025-26) के आधार पर आरपीएससी (RPSC) और आरएसएमएसएसबी (RSMSSB) प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से सभी महत्वपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी तथ्य नीचे बिंदुवार प्रस्तुत हैं:
1. राज्य की अर्थव्यवस्था के मुख्य समंक एवं संकेतक (Macro-Economic Indicators)
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सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP):
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स्थिर मूल्यों पर (2011-12 के आधार पर): वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में 9.82 लाख करोड़ रुपये ($9,81,807$ करोड़) अनुमानित है, जो कि गत वर्ष 2024-25 की तुलना में 8.66% की वृद्धि दर दर्शाता है।
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प्रचलित (चालू) मूल्यों पर: वर्ष 2025-26 में 18.75 लाख करोड़ रुपये ($18,75,413$ करोड़) अनुमानित है, जो गत वर्ष की तुलना में 10.24% की वृद्धि दर दर्शाता है।
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प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income):
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स्थिर मूल्यों पर (2011-12): वर्ष 2025-26 में 1,03,189 रुपये (7.76% की वृद्धि) होने का अनुमान है।
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प्रचलित मूल्यों पर: वर्ष 2025-26 में 2,02,349 रुपये (9.32% की वृद्धि) होने का अनुमान है।
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सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में क्षेत्रवार योगदान (प्रचलित मूल्यों पर – 2025-26 अग्रिम अनुमान):
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कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र: 25.74%
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उद्योग क्षेत्र: 26.55%
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सेवा क्षेत्र: 47.71% (सर्वाधिक योगदान)
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2. कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र (Agriculture & Allied Sector)
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जीएसवीए में योगदान: कृषि और संबद्ध क्षेत्र का प्रचलित मूल्यों पर जीएसवीए में 25.74% योगदान है। इसमें फसल क्षेत्र का हिस्सा 42.61% और पशुधन (Livestock) का हिस्सा 49.35% है।
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खाद्यान्न उत्पादन (2025-26 अग्रिम अनुमान): राज्य में कुल खाद्यान्न उत्पादन 283.98 लाख मैट्रिक टन होने का अनुमान है।
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प्रमुख फसलों के उत्पादन में राजस्थान की स्थिति (राष्ट्रीय स्तर पर):
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प्रथम स्थान: राई एवं सरसों (43.43%), बाजरा (41.34%), कुल तिलहन (23.61%), मोटा अनाज (14.21%), और ग्वार (88.80%)।
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द्वितीय स्थान: मूंगफली (19.91%)।
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तृतीय स्थान: चना (17.39%), कुल दलहन (13.76%), और सोयाबीन (8.96%)।
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कृषि गणना 2015-16 के मुख्य आँकड़े:
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राज्य में कुल प्रचालित भूमि जोतों की संख्या 76.55 लाख है।
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भूमि जोतों का औसत आकार घटकर 2.73 हेक्टेयर रह गया है।
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कुल महिला प्रचालित भूमि जोतों की संख्या 7.75 लाख है, जिनके अंतर्गत कुल क्षेत्रफल 16.55 लाख हेक्टेयर है।
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3. प्रमुख नई नीतियाँ एवं कार्यक्रम (New Policies & Initiatives – 2025-26)
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पंच गौरव कार्यक्रम: प्रत्येक जिले को एक सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान देने के लिए ‘पंच गौरव’ (एक जिला-एक उत्पाद, एक जिला-एक फसल, एक जिला-एक वनस्पति प्रजाति, एक जिला-एक खेल, और एक जिला-एक पर्यटन स्थल) की शुरुआत की गई है, जिसके लिए ₹100 करोड़ का बजट आवंटित है।
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मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY): 15 जनवरी 2026 को प्रारंभ; 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख युवाओं को उद्यम स्थापित करने हेतु ब्याज मुक्त ऋण व मार्जिन मनी सहायता देना।
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प्रमुख नई नीतियाँ:
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राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024
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राजस्थान लॉजिस्टिक्स नीति 2025
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राजस्थान वस्त्र एवं परिधान नीति 2025
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राजस्थान व्यापार संवर्द्धन नीति 2025
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प्रवासी राजस्थानी नीति 2025
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राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी 2025
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राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2025
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राजस्थान कौशल नीति 2025
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राजस्थान युवा नीति 2026
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राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नीति 2025
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राजस्थान रोजगार नीति 2026
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राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025
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राजस्थान एआई / एमएल नीति 2026
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4. उद्योग, ऊर्जा एवं आधारभूत अवसंरचना (Industry & Infrastructure)
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स्थापित विद्युत क्षमता: दिसंबर 2025 तक बढ़कर 31,556.43 मेगावाट हो गई है।
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अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy): सौर ऊर्जा क्षमता 9,898.00 मेगावाट और पवन ऊर्जा क्षमता 4,416.12 मेगावाट तक पहुँच चुकी है।
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बैंकिंग प्रदर्शन (सितंबर 2025 तक):
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राज्य में कुल बैंक शाखाएँ/कार्यालय 9,172 हैं।
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राज्य का ऋण-जमा अनुपात (Credit-Deposit Ratio) 89.61% है, जो राष्ट्रीय औसत (80.43%) से अधिक है।
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सड़क घनत्व: राज्य का सड़क घनत्व 97.97 किमी प्रति 100 वर्ग किमी है।
आरपीएससी और आरएसएमएसएसबी परीक्षाओं की तैयारी के लिए GSDP वृद्धि दर (स्थिर व प्रचलित मूल्य), प्रति व्यक्ति आय, कृषि फसलों में राजस्थान की प्रथम रैंक, और वर्ष 2025-26 में लाई गई नई नीतियाँ सबसे महत्वपूर्ण खंड हैं।